बस्तर में वाटरशेड महोत्सव, जल संरक्षण और रबी फसलों के जरिए किसानों की समृद्धि पर जोर
जगदलपुर, 18 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (जलग्रहण विकास घटक 2.0) के अंतर्गत बुधवार 17 दिसंबर को बस्तर जिले के ग्राम लालागुड़ा एवं कटेनार में उत्साहपूर्वक 'वाटरशेड महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर कृषि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को जल की एक-एक बूंद संचित करने का महत्व समझाया, ताकि संचित जल का उपयोग कर रबी की फसलें ली जा सकें और किसान अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने रबी फसल कार्यक्रम की बारीकियों को साझा करते हुए फसलों को विभिन्न प्रकार के कीटों और व्याधियों से बचाने के उन्नत उपायों से ग्रामीणों को अवगत कराया। प्रगतिशील खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस महोत्सव में सरसों एवं चना बीज का वितरण किया गया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण और सामूहिक श्रमदान जैसे कार्यक्रम भी संपन्न हुए। उत्सव के माहौल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन भी इस अवसर पर संपन्न हुआ।
बास्तानार ब्लॉक के ग्राम लालागुड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत बस्तर के उपाध्यक्ष श्री बलदेव मण्डावी और जनपद पंचायत बास्तानार की अध्यक्ष श्रीमती महावती मण्डावी विशेष रूप से उपस्थित रहे। गरिमामय उपस्थिति के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सरपंच श्री रूकनाथ मण्डावी, कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजीव श्रीवास्तव, अनुविभागीय कृषि अधिकारी तोकापाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण कृषक मौजूद थे।