शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं: सहायक शिक्षक भर्ती पर मंत्री केदार कश्यप का कांग्रेस पर हमला
रायपुर, 19 फरवरी/ सहायक शिक्षक भर्ती-2023 को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रदेश के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंदोलनरत अभ्यर्थियों को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय बी.एड. अभ्यर्थियों को प्राथमिक स्कूलों में अवसर देकर डी.एड. डिप्लोमाधारकों के साथ अन्याय किया गया, वहीं आंदोलनरत अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज कर उनके भविष्य को भी खतरे में डाला गया।
उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्देशानुसार सहायक शिक्षक भर्ती के पांचवें चरण में 2621 बी.एड. योग्यताधारियों के स्थान पर डी.एड. अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। शासन के निर्देश पर 2615 पदों के लिए अवसर दिया गया, जिनमें 1319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।
मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि शेष 1302 रिक्त पदों के लिए छठवें चरण की मांग करने वाले अभ्यर्थियों का कटऑफ नीचे है। यदि छठा चरण जारी किया जाता है तो चयन मानकों में गिरावट आएगी, जिससे स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया को दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है और अब नए योग्य अभ्यर्थी अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 4708 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिनमें 2000 पद सहायक शिक्षकों के हैं।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करना और योग्य उम्मीदवारों को अवसर देना है।