कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
शत-प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश
जगदलपुर, 09 मार्च 2026/ बस्तर जिले में बुजुर्गों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए संचालित वय वंदन योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सोमवार को कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी तत्परता के साथ अन्य स्वास्थ्य मानकों में भी जिले को अग्रणी बनाने के लिए समन्वित प्रयास किया जाए।

कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकासखंडवार विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने निर्देशित किया कि जिले में प्रसव पूर्व जांच का लक्ष्य शत-प्रतिशत रखा जाए, क्योंकि यह कार्य अत्यंत संवेदनशील है। समय पर जांच होने से गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक जटिलता का पता समय रहते चल जाता है, जिससे माता और शिशु दोनों के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हुई प्रसव की स्थिति की संस्थावार जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि टीकाकरण अभियान में निरंतर प्रगति लाई जाए और नवजात शिशुओं का सम्पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित हो। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और विशेष रूप से चिन्हित 471 बच्चों की जांच करवाकर उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया में अद्यतन प्रगति लाने के निर्देश दिए। क्षय रोग नियंत्रण की दिशा में उन्होंने कहा कि जहां भी संक्रमण के प्रकरण मिले हैं, वहां आसपास के लोगों की भी जांच अनिवार्य रूप से की जाए ताकि रोग के प्रसार को रोका जा सके। गैर-संचारी रोगों जैसे रक्तचाप, मधुमेह, स्तन कैंसर और मुख कैंसर की जांच के लिए उन्होंने अधिक से अधिक शिविर लगाने और स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। सिकलसेल जांच के उपरांत प्राप्त कार्ड्स को सुपरवाइजरों के माध्यम से तत्काल वितरित करने और बास्तानार जैसे क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य जांच की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डॉग बाइट एवं सर्पदंश के मामलों में दवाइयों की उपलब्धता और उपचार की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त फ्लोराइड प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल और उपचार हेतु आवश्यक कदम उठाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण हेतु आवेदन करने की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रीना लक्ष्मी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।