14 नवंबर ,बाल दिवस के अवसर पर विद्यालयों में बच्चों के मध्य पहुंचे न्यायाधीश –
आज दिनांक 14 नवम्बर 2025 को बाल दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्तर जगदलपुर के, माननीय श्री गोविंद नारायण जांगड़े प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं ,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर के मार्गदर्शन में स्थान ग्राम बिलोरी एवं आड़ावाल स्थित विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कु.अंकिता कश्यप व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी ,द्वारा छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों साइबर अपराध से बचाव नशे के दुष्प्रभाव पोक्सो एक्ट तथा मोटर वाहन अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सरल और व्यावहारिक उदाहरण के माध्यम से प्रदान की ।

कु.अंकिता कश्यप व्यवहार न्यायाधीश ,वरिष्ठ श्रेणी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है उन्हें कानून और सुरक्षा से संबंधित सही जानकारी देना हमारा दायित्व है ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि समाज में भी जागरूक नागरिक के रूप में योगदान दे सकें ।
बाल दिवस के संदर्भ में उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के बच्चों के प्रति प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा कि ,यह दिन हमें बच्चों की मासूमियत जिज्ञासा और विकास के अधिकारों की याद दिलाता है जागरूकता शिक्षा और संवेदनशील वातावरण ही उनके उज्जवल कल का आधार है शिविर के दौरान छात्रों ने उत्साह पूर्वक प्रश्न पूछे और विभिन्न विषयों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा की । कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में कानूनी समझ विकसित करना और उन्हें भविष्य में जिम्मेदार डिजिटल सुरक्षा एवं अनुशासित नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था ,अंत में कु. अंकिता कश्यप ने सभी विद्यार्थियों को अपने उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित किया। और यह संदेश दिया कि शिक्षा जागरूकता और आत्मविश्वास के माध्यम से ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।