हायर सेकेंडरी स्कूल करीतगांव में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विकसित भारत के संकल्प के साथ विद्यार्थियों ने दिखाया वैज्ञानिक कौशल
जगदलपुर, 01 मार्च 2026/ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करीतगांव में शनिवार 28 फरवरी को 'विज्ञान एवं गणित क्लब' के तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष का कार्यक्रम विज्ञान में महिलाएं-विकसित भारत को उत्प्रेरित करना के महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित रहा, जिसका मुख्य उद्देश्य दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करना और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9 वीं एवं 11 वीं के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा उत्पन्न करने हेतु एक विशेष विज्ञान क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई।

इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों से विज्ञान के विविध पहलुओं पर प्रश्न पूछे गए, जिसमें उनके तार्किक ज्ञान और सूझबूझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। प्रतियोगिता के परिणामों के आधार पर कक्षा 11 वीं की कु. दिलेश्वरी कश्यप और कक्षा 9 वीं की कु. खिरमनी कश्यप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर कक्षा 9 वीं के सुरेश कश्यप व कु. ट्विंकल कश्यप रहे, जबकि तृतीय स्थान कु. चांदनी बेसरा एवं जगबंधु भारती ने हासिल किया। इसके अतिरिक्त कु. निरबती भारती, कु. मनीषा नाग और कु. खुशबू कश्यप को उनके सराहनीय प्रयास के लिए सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।
उक्त राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बौद्धिक प्रतियोगिता के साथ-साथ नवाचार का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के मॉडल तैयार किए और उपस्थित शिक्षकों को अपनी रचनाओं की तकनीकी कार्यप्रणाली से अवगत कराया। विद्यार्थियों के इन प्रयासों की विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मोनिता पानिग्राही ने मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम की सफलता में प्राचार्य सहित श्रीमती रीना दास, श्री राहुल सिंह ठाकुर, श्री वाणी हुमने, श्री लोकेश निषाद, श्री सुभाष पटेल, श्री अमरजीत वर्मा, एवं कक्षा 9 वीं व 11 वीं के समस्त विज्ञान विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
उल्लेखनीय है कि यह दिवस महान भारतीय वैज्ञानिक सर सीवी रमन द्वारा वर्ष 1928 में की गई 'रमन प्रभाव' की युगांतरकारी खोज के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने भावी वैज्ञानिकों के मन में शोध और नवाचार के प्रति एक नई अलख जगाई है।