स्वास्थ्य अधोसंरचना में तकनीकी मापदण्डों एवं गुणवत्ता का करें अनुपालन-कलेक्टर श्री आकाश छिकारा
कार्य में देरी करने वाले ठेकेदार होंगे टर्मिनेट
जगदलपुर, 11 मार्च 2026/ जिले में आम जनता को सुलभ और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन और आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक बुधवार को आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना के चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा कर और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूती देने के लिए संचालित कुल 59 निर्माण कार्यों की प्रगति का संज्ञान लेकर कलेक्टर ने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में बन रहे क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का कार्य 85 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है, जो जल्द ही गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। वहीं कॉलेज परिसर में ही ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, जिसे अब हैंडओवर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो पीएचसी छापर भानपुरी, रानसरगीपाल और नैनमुर में अतिरिक्त वार्डों का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो वर्तमान में प्लिंथ लेवल तक पहुंच चुका है।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी गंभीरता को देखते हुए धीमी प्रगति वाली हमर लैब और फायर फाइटिंग सिस्टम के वर्क ऑर्डर तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही ड्रग सेंसिटिविटी टेस्टिंग लैब के निर्माण में विलंब के लिए संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना भी आरोपित किया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रुके हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की इस कड़ी में आयुष विभाग ने अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से बस्तर का गौरव बढ़ाया है। राज्य स्तरीय कायाकल्प प्रतिस्पर्धा में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय जगदलपुर और महारानी अस्पताल में संचालित आयुष विंग ने अपनी श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो विभाग की गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का प्रमाण है। विभाग स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं के सिद्धांत पर चलते हुए न केवल उपचार, बल्कि बीमारियों से बचाव पर भी जोर दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच जिले के 23 आयुर्वेद, एक-एक होम्योपैथी व यूनानी औषधालय और 43 आयुष सेंटरों के माध्यम से 3 लाख 16 हजार से अधिक मरीजों ने लाभ उठाया है।
बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में नवाचारों का भी बड़ा योगदान है, जिसके तहत जिले में 10 बिस्तर वाले योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जा रही है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वर्ण बिंदु प्राशन और बुजुर्गों की देखभाल के लिए वयोमित्र व सियान-जतन जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बैठक में कलेक्टर ने उलनार, सोरगांव और इच्छापुर जैसे क्षेत्रों में निर्माणाधीन औषधालय भवनों को समय-सीमा में पूर्ण करने की हिदायत दी, ताकि दूरस्थ अंचलों तक आयुष चिकित्सा का लाभ निर्बाध रूप से पहुंच सके। कलेक्टर श्री छिकारा ने आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वीरेंद्र ठाकुर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रीना लक्ष्मी, जिला आयुष अधिकारी डॉ मोहनीश साहू, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के कार्यपालन अभियंता श्री निशांत सूर, सहायक अभियंता श्री रविकांत भोसले, उप अभियंता श्री टेशुवंत पाणिग्रही उपस्थित थे।