बस्तर में शिक्षा मंत्री के आदेश के बिना संलग्नीकरण और तबादले लगातार जारी ? , प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की मनमानी पर उठे गंभीर सवाल!
रिपोर्ट – जय शंकर पांडे
02 सितम्बर 2026, जगदलपुर। बस्तर जिले में शिक्षकों के संलग्नीकरण एवं तबादले को लेकर अब बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लगातार अपने स्तर पर शिक्षकों को बीमारी के आधार पर लगातार स्थानांतरित किया जा रहा है, जबकि शासन स्तर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए रहे हैं।

📢 तबादले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षकों के, बीमारी को आधार बताकर मेडिकल दस्तावेज को बिना प्रमाणित किए धड़ल्ले से स्थानांतरण कर रहे हैं?

आदेशों की प्रति 👆
📢 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार – कई शिक्षकों को स्थानांतरण की जरूरत है, परन्तु उनको यह सुविधा नहीं दी जा रही ? और स्थानांतरण सूची को सार्वजनिक नहीं की जा रही ?

आदेश की प्रति 👆
👉 सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शिक्षा मंत्री के आदेश/स्वीकृति के बिना इस तरह के संलग्नीकरण और तबादले किए जा रहे हैं?
👉इस मामले को लेकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी से जवाब जानने का प्रयास किया गया, तो अधिकारी कार्यालय से बिना कोई जवाब दिए चले गए। इससे पूरे मामले को लेकर पारदर्शिता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
🔴 अब उठ रहे बड़े सवाल
👉क्या बिना शासन आदेश के संलग्नीकरण और तबादले किए जा सकते हैं?
👉क्या जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में अधिकार प्राप्त है?
👉यदि आदेश हैं तो उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? और उनसे पूछे गए हमारे सवालों से बचते नजर आए ?
👉इस तबादले के संबंध में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी से पूछे जाने पर अधिकारी ने जवाब देने से दूरी क्यों बनाई ?
👉क्या शिक्षकों के तबादले में नियमों की अनदेखी हो रही है?
शिक्षा मंत्री ने मीडिया के माध्यम से जानकारी दी,देखें वीडियो 👆
”शिक्षा व्यवस्था में सुशासन और पारदर्शिता की बात के बीच सामने आया यह मामला अब जांच और स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।"
