शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में एनईपी 2020 पर जागरूकता कार्यशाला, विद्यार्थियों को दी नई शिक्षा नीति की जानकारी
रिपोर्ट – जय शंकर पांडे
19 सितम्बर 2026, जगदलपुर। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से संबंधित जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कला एवं मानविकी अध्ययनशाला द्वारा आयोजित इस वर्कशॅाप में सत्र 2026-27 में प्रवेशित विद्यार्थियों को एनईपी के नियमों, उद्देश्यों, महत्व, पाठ्यक्रम संरचना एवं बहु-विषयक विकल्पों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में विभागाध्याक्ष प्रो मणिशंकर मिश्रा ने एनईपी 2020 के निर्माण की पृष्ठभूमि तथा भारतीय शिक्षा व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही भारतीय पारंपरिक शिक्षा पद्धति से लेकर औपनिवेशिक काल और आधुनिक भारत की शिक्षा व्यवस्था तक हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों की जानकारी दी। प्रो. मिश्रा ने कहा कि एनईपी केवल शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास, ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल एवं व्यावहारिक दक्षताओं से भी संपन्न होना आवश्यक है। प्रो मिश्रा ने विशेष रूप से एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट एवं मल्टीपल इंट्री एवं मल्टीपल एक्जिट को सरल उदाहरणों से समझाया।
दूसरे वक्ता के रूप में डॉ. भुवनेश्वर लाल साहू ने कहा कि एनईपी विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, व्यक्तित्व एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने पर बल देती है।
डॉ. सियालाल नाग ने अपने उद्बोधन में बदलती शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा एनईपी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में डॉ. राकेश कुमार खारवार ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को सेमेस्टर वार पाठ्यक्रम संरचना की जानकारी दी। उन्होंने डीएससी, डीएसई, एईसी, एसईसी एवं जीई की भूमिका एवं विभिन्न सेमेस्टरों में इनके अध्ययन से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझाया कि इन पाठ्यक्रमों का चयन एवं अध्ययन उनकी शैक्षणिक तथा कौशल-विकास की आवश्यकताओं से किस प्रकार जुड़ा है।
कार्यक्रम का संचालन प्रेमजीत निराला ने किया। इस मौके पर देवेंद्र कुमार, प्रकाश नारायण सिंह एवं रिया रानी उइके सहित अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। डीएसडब्ल्यू डॉ. समीर ठाकुर कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना से परिचित कराते हुए उन्हें बदलते उच्च शिक्षा परिदृश्य के अनुरूप ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षताओं के विकास के लिए प्रेरित करना रहा।
