राष्ट्रीय पोषण माह पर बड़े आमाबाल में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट – जय शंकर पांडे
बस्तर, 17 सितंबर 2026। भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर एवं महिला एवं बाल विकास विभाग बस्तर के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत बस्तर विकासखंड के ग्राम बड़े आमाबाल में एक दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में लगभग 300 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष संतोष बघेल उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति निर्माण शाखा के निर्देश दीवान, जनपद सदस्य एवं सभापति कृषि शाखा रायधर दीवान, जनपद सदस्य श्री कुलेश्वर कश्यप, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सावित्री बघेल, सुपरवाइजर श्रीमती माया यादव, सुमिता रामटेक, अनुका चंद्रवंशी एवं धनेश्वरी नाग तथा ग्राम की सरपंच बोदली कश्यप सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
स्वच्छता की शपथ से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने अपने घर, आसपास के वातावरण तथा गांव को स्वच्छ रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और व्यक्तिगत स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पोषण और स्वच्छता एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। केवल पौष्टिक भोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वच्छ वातावरण, साफ पानी, हाथों की नियमित सफाई और स्वच्छ आदतें भी स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं।
कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने लिया उत्साह से हिस्सा
जनजागरूकता कार्यक्रम को मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए दो वर्गों में कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों में उत्साह और सामुदायिक सहभागिता का वातावरण बना। प्रतियोगिता के दौरान ग्रामीणों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
पोषण आहार के महत्व की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनिसेफ एवं एम्स के ब्लॉक समन्वयक श्री दल सहाय बघेल ने पोषण आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित होना जरूरी है। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों जैसे हरी सब्जियां, दालें, अनाज, मौसमी फल एवं अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री को भोजन में शामिल करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
परियोजना अधिकारी ने बताया राष्ट्रीय पोषण माह का महत्व
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती सावित्री बघेल ने राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्य और महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पोषण केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त एवं पौष्टिक आहार लेने, बच्चों को उम्र के अनुसार उचित आहार देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ लेने की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करें।
प्रश्न मंच के माध्यम से परखी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारी श्री बी एस ध्रुव द्वारा दी गई जानकारी को ग्रामीणों तक और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रश्न मंच का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय पोषण माह, संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य से संबंधित प्रश्न पूछे गए। ग्रामीणों ने उत्साह के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को विभाग की ओर से पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस गतिविधि के माध्यम से ग्रामीणों में पोषण संबंधी जानकारी को लेकर रुचि बढ़ी और कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई।
गीत एवं नाटक से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में गीत एवं नाटक की प्रस्तुति भी की गई। कलाकारों ने मनोरंजक एवं सरल माध्यम से पोषण, स्वच्छता, कुपोषण से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाया। गीत एवं नाटक के माध्यम से प्रस्तुत संदेशों ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लेते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
जनप्रतिनिधियों ने किया ग्रामीणों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने परिवार में बच्चों एवं महिलाओं के पोषण का विशेष ध्यान रखें तथा स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन के माध्यम से पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर ग्रामीणों में जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में लगभग 300 ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनजागरूकता कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्रीय संचार ब्यूरो तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
