आजीविका डबरी से बढ़ी आमदनी की राह, माधुरी पेगड़ के परिवार को मिला अतिरिक्त आय का जरिया

रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

Sep 25, 2026 - 17:18
आजीविका डबरी से बढ़ी आमदनी की राह, माधुरी पेगड़ के परिवार को मिला अतिरिक्त आय का जरिया
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जगदलपुर, 25 सितम्बर 2026/ मेहनत, खेती और शासन की योजनाओं का साथ मिले तो ग्रामीण परिवारों की आजीविका को नई दिशा मिल सकती है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम एरण्डवाल निवासी माधुरी पेगड़ ने इसे अपने प्रयासों से साकार किया है। पुश्तैनी कृषि भूमि में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की सहायता से करीब तीन लाख रुपए की लागत से उन्होंने 30 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी आजीविका डबरी का निर्माण कराया है। डबरी में पर्याप्त पानी होने से अब वे मछलीपालन के साथ रबी सीजन में साग-सब्जी का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

           माधुरी पेगड़ का सात सदस्यीय परिवार खेती-किसानी पर निर्भर है। उनके पास करीब पांच एकड़ कृषि भूमि है। खरीफ सीजन में वे उन्नत तरीके से धान की खेती करती हैं। वहीं रबी सीजन में ट्यूबवेल के माध्यम से करीब तीन एकड़ में मक्का और साग-सब्जी का उत्पादन किया जाता है। खेतों में तैयार साग-सब्जियों को वे स्थानीय बाघनपाल, नेंगीरास, मुंडीगुड़ा और लोहंडीगुड़ा के साप्ताहिक बाजारों में बेचती हैं।

               माधुरी बताती हैं कि इस वर्ष उन्होंने करीब 90 क्विंटल धान सहकारी समिति में विक्रय किया। इसके साथ ही साग-सब्जी की बिक्री से भी परिवार को अच्छी आमदनी हुई। अब आजीविका डबरी बनने से उनके लिए आय के नए अवसर जुड़े हैं। डबरी में मछलीपालन से आमदनी प्राप्त होगी, वहीं इसमें उपलब्ध पानी का उपयोग रबी सीजन में आसपास के खेतों में साग-सब्जी की सिंचाई के लिए भी किया जा सकेगा।

            माधुरी कहती हैं कि पहले खेती मुख्य रूप से बारिश और उपलब्ध सिंचाई साधनों पर निर्भर थी, लेकिन आजीविका डबरी बनने से पानी की उपलब्धता बढ़ी है। इससे मछलीपालन के साथ सब्जी उत्पादन को भी विस्तार देने का अवसर मिला है। आने वाले समय में वे डबरी के पानी का बेहतर उपयोग करते हुए रबी सीजन में अधिक मात्रा में साग-सब्जी उत्पादन करने की योजना बना रही हैं।

खेती के साथ मछलीपालन और सब्जी उत्पादन से बढ़ेंगे आय के साधन

          आजीविका डबरी माधुरी के परिवार के लिए केवल जल संचयन का साधन नहीं, बल्कि बहुआयामी आजीविका का माध्यम बन रही है। एक ही संसाधन से मछलीपालन, सिंचाई और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिलने से परिवार के पास आमदनी के अतिरिक्त साधन तैयार हुए हैं। इससे खेती पर निर्भर सात सदस्यीय परिवार के आर्थिक जीवन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

          माधुरी पेगड़ ने शासन की विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन के माध्यम से मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से निर्मित डबरी ने उनके परिवार के लिए आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता खोला है। खेती के साथ मछलीपालन और सब्जी उत्पादन से होने वाली अतिरिक्त आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित होगी।

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