छैपरागुड़ा के बाढ़ पीड़ितों को न्याय दिलाने सड़क पर उतरेगी किसान यूनियन टिकैत, प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी
5 नवंबर 2026 , जगदलपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), जिला बस्तर के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने ग्राम पंचायत आसना के छैपरा गुड़ा पारा पहुंचकर इंद्रावती नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों एवं पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
इस दौरान संभागीय प्रवक्ता कृष्ण कुमार पांडे ने गहरा दुख एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बाढ़ से किसानों की 100 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है तथा कई परिवारों के मकान बह गए हैं। इसके बावजूद लगभग एक दर्जन परिवार आज भी मुआवजे से वंचित हैं। कई परिवार सड़क किनारे झिल्ली और तिरपाल लगाकर जीवन गुजारने को मजबूर हैं। यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की प्रमुख मांगें:
छैपरा गुड़ा पारा के सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों का तत्काल निष्पक्ष पुनः सर्वेक्षण कराया जाए।
मुआवजे से वंचित लगभग एक दर्जन परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।
100 प्रतिशत फसल नष्ट होने वाले किसानों को ₹65,100 प्रति एकड़ क्षतिपूर्ति दी जाए।
बाढ़ में बह गए एवं क्षतिग्रस्त मकानों के पीड़ित परिवारों को आवासीय सहायता दी जाए।
बेघर परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, तिरपाल, खाद्यान्न एवं पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
सर्वेक्षण में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
संभागीय प्रवक्ता कृष्ण कुमार पांडे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिला बस्तर पीड़ित किसानों एवं परिवारों के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अब आश्वासन नहीं, पीड़ितों को अधिकार और किसानों को न्याय चाहिए!
