बस्तर में संवर रहा नौनिहालों का भविष्य120 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं सर्टिफाइड प्री-स्कूल फैसिलिटेटर
रिपोर्ट – जय शंकर पांडे
जगदलपुर, 15 अक्टूबर 2026/ बस्तर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की तस्वीर अब और अधिक सशक्त तथा प्रभावी रूप लेने जा रही है। बस्तर जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और ‘तितली’ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में जिले के आठ परियोजना की 120 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने प्री-स्कूल एंड डे-केयर फैसिलिटेटर का प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर का असेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

सालभर चले इस विशेष नवाचार की शुरुआत अगस्त 2025 में तीन चरणों के सघन प्रशिक्षण के साथ की गई थी। इसके उपरांत कार्यकर्ताओं को बच्चों के सही मूल्यांकन, गतिविधि-आधारित शिक्षण और उनके सर्वांगीण विकास जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, रचनात्मक और भावनात्मक पहलू शामिल हैं की नियमित निगरानी का अभ्यास कराया गया। केंद्रों में खेल-खेल में सीखने की पद्धति और निरंतर फॉलोअप के चलते बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई और उनके सीखने के प्रति उत्साह में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
इस पूरी परियोजना का सबसे अहम और निर्णायक पड़ाव 12 से 14 अक्टूबर के बीच आयोजित स्किल इंडिया मिशन से जुड़े मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल का थ्योरी और ऑनलाइन असेसमेंट रहा। बस्तर की सभी 120 कार्यकर्ताओं ने पूरे समर्पण एवं आत्मविश्वास के साथ इस परीक्षा में भाग लेकर शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की।
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली इन सभी कार्यकर्ताओं को मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल द्वारा राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन और संस्था के इस समन्वित प्रयास से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्री-स्कूल के रूप में विकसित करने और बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को नई मजबूती देने में बड़ी सफलता मिली है।
