कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को मिलेगा 15 हजार रुपए प्रति एकड़ तक अनुदान
31 अक्टूबर तक पंजीयन का सुनहरा मौका
जगदलपुर, 16 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की लागत कम करने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा दलहन और तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार के साथ उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना चलाई जा रही है। राज्य का अधिकांश कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर होने के चलते मौसम की मार और कृषि आदानों की बढ़ती लागत से किसानों की आय पर सीधा असर पड़ता है। इस स्थिति में राहत प्रदान करते हुए शासन उन्नत बीज, खाद, कीटनाशक और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश के लिए किसानों को मजबूत आर्थिक संबल दे रहा है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, जो किसान धान की पारंपरिक खेती के स्थान पर अन्य वैकल्पिक खरीफ फसलें अपना रहे हैं, उन्हें शासन द्वारा 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही खरीफ सीजन में दलहन, तिलहन, मक्का, कपास तथा लघु धान्य फसलों जैसे कोदो, कुटकी एवं रागी की खेती करने वाले पात्र कृषकों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से आदान सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी।
इस योजना का सीधा लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन होना और गिरदावरी के दौरान फसल व रकबे की पुष्टि किया जाना अनिवार्य है। सत्यापन उपरांत स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी रूप से किया जाएगा।
योजना के तहत पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला बस्तर सहित राज्य भर के किसानों से अपील की गई है कि वे तय समय-सीमा से पहले एकीकृत किसान पोर्टल पर अपना पंजीयन पूरा कराएं और अपनी फसल, बोए गए रकबे व बैंक खाते के विवरण का सत्यापन करा लें, जिससे लाभ मिलने में किसी प्रकार की रुकावट न आए। योजना की विस्तृत जानकारी और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देशों के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
