शासकीय आईटीआई बस्तर में 'नव कौशल पथ' के दूसरे दिन उद्योग प्रतिनिधियों ने नव-प्रवेशितों को दिखाया उज्ज्वल भविष्य का मार्ग
रिपोर्ट – जय शंकर पांडे
जगदलपुर, 05 अगस्त 2026/ शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बस्तर में नए सत्र के नव-प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम 'नव कौशल पथ, नयी राह, नया हुनर' के दूसरे दिन संस्थान परिसर में अपार उत्साह और उमंग का माहौल रहा। कार्यक्रम में उद्यमियों, पूर्व छात्रों और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने नव-प्रवेशित युवाओं को कौशल विकास एवं उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य सत्र में जिंदल स्टील रायपुर के उद्योग प्रतिनिधि श्री सूर्योदय दुबे एवं सुभाष साव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं, कार्य-संस्कृति और तकनीकी क्षेत्र में लगातार सीखते रहने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में संस्थान के पूर्व छात्र एवं एल्युमिनी सदस्य जीएस ठाकुर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह आईटीआई से मिला व्यावहारिक ज्ञान और अनुशासन करियर की ऊँचाइयों तक पहुँचने में मददगार साबित होता है। संस्था के प्राचार्य डॉ एके मांडले ने सभी नए प्रशिक्षणार्थियों का संस्थान में आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि कौशल ही आधुनिक युग की वास्तविक शक्ति है और 'नयी राह, नया हुनर' के इस मंच से हमारे युवा न केवल तकनीकी शिक्षा सीख रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव भी रख रहे हैं।
मार्गदर्शन सत्र के समापन के पश्चात संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बस्तर की विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और नए प्रवेशित विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस पूरे आयोजन को सफल और स्मरणीय बनाने में शासकीय आईटीआई बस्तर के समस्त अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा वरिष्ठ प्रशिक्षणार्थियों का सराहनीय योगदान और पूर्ण सहयोग रहा।