दलपत सागर में हुए खर्च ₹9.88 करोड़ का पहले हिसाब दें , नए स्वीकृति का ढिंढोरा नहीं महापौर - राजेश चौधरी

Sep 6, 2026 - 16:56
Sep 8, 2026 - 08:06
दलपत सागर में हुए खर्च ₹9.88 करोड़ का पहले हिसाब दें , नए स्वीकृति का ढिंढोरा नहीं महापौर - राजेश चौधरी
किस संस्था से कितना मिला,कितना खर्च हुआ और कितना बचा,जनता के समक्ष महापौर सार्वजनिक करें पूरा ब्यौरा
CG VARTA -

6 सितम्बर 2026, जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दलपत सागर के उन्नयन एवं सफाई के नाम पर स्वीकृत एवं प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर महापौर से सार्वजनिक रूप से पूरा हिसाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि दलपत सागर के उन्नयन के लिए स्वीकृत राशि में से अब तक कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी राशि खर्च की गई, किन कार्यों में खर्च की गई और वर्तमान में कितनी राशि शेष है।जगदलपुर विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव द्वारा शहर की जनता को बताया गया था कि दलपत सागर के उन्नयन के लिए ₹9.88 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

इसके बाद महापौर द्वारा विधायक, नगरीय प्रशासन मंत्री, सांसद एवं भाजपा सरकार का धन्यवाद भी समाचार पत्रों के माध्यम से किया गया था। लेकिन इस स्वीकृति को लगभग सवा वर्ष बीतने के बाद भी शहर की जनता को यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि उक्त राशि का वास्तविक रूप से कितना उपयोग हुआ है और किन-किन कार्यों पर खर्च किया गया है। केवल राशि स्वीकृत होने की जानकारी समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से देने से जनता की जवाबदेही पूरी नहीं होती। जनता यह जानना चाहती है कि स्वीकृत राशि में से नगर निगम को वास्तव में कितनी राशि प्राप्त हुई और उसका उपयोग किस मद में किया गया।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने दलपत सागर में चलाए गए सफाई अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महापौर द्वारा सार्वजनिक रूप से कहा गया था कि इस अभियान में नगर निगम का कोई खर्च नहीं हो रहा है और संबंधित संस्था द्वारा डेमो के तौर पर कार्य किया जा रहा है। यदि नगर निगम का कोई खर्च नहीं हुआ, तो सफाई अभियान के दौरान चलने वाले वाहनों में डीजल की व्यवस्था किसके द्वारा की गई, वार्डों से लगाए गए नगर निगम के कर्मचारियों का भुगतान किस मद से किया गया और अभियान में अन्य व्यवस्थाओं पर हुए खर्च का भुगतान किस संस्था ने किया—इसकी जानकारी भी जनता के सामने रखी जानी चाहिए।नगर निगम के कर्मचारियों को सफाई अभियान में लगाया गया और उनके एक महीने के भुगतान की जिम्मेदारी भी नगर निगम द्वारा उठाई गई है।

ऐसे में यह कहना कि नगर निगम का कोई खर्च नहीं हुआ, अपने आप में सवाल खड़ा करता है। महापौर को इस पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।*

राजेश चौधरी ने कहा कि दलपत सागर की सफाई एवं उन्नयन के लिए यदि किसी संस्था, कंपनी या अन्य माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है तो उसकी भी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।जनता को बताया जाए—"किस-किस संस्था से कितनी राशि प्राप्त हुई?"किस तारीख को कितनी राशि प्राप्त हुई?

 "प्राप्त राशि में से कितना खर्च किया गया?"किन-किन कार्यों पर खर्च किया गया?

"प्रत्येक कार्य पर कितना भुगतान किया गया?"वर्तमान में कितनी राशि शेष है?

"शेष राशि से आगे कौन-कौन से कार्य किए जाएंगे?

जनता के सामने यह पूरा विवरण आने से ही दलपत सागर के उन्नयन एवं सफाई कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। चुप्पी तोड़ जनता के समक्ष पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने आगे कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि एनएमडीसी से लगभग ₹50 लाख की स्वीकृति पुनः प्राप्त हो रही है, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में ₹20 लाख की स्वीकृति की बात सामने आ रही है। यदि यह राशि स्वीकृत हुई है तो इसकी आधिकारिक जानकारी के साथ यह भी बताया जाना चाहिए कि राशि प्राप्त होने के बाद इसे किन कार्यों में खर्च किया जाएगा,केवल स्वीकृति की जानकारी देकर जनता को संतुष्ट नहीं किया जा सकता।

जनता यह भी जानना चाहती है कि पहले मिली या स्वीकृत राशि का क्या हुआ और उसका धरातल पर कितना काम दिखाई दे रहा है।राजेश चौधरी ने महापौर के उन बयानों पर भी सवाल उठाया, जिनमें कांग्रेस कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ है तो महापौर आज नगर निगम के जिम्मेदार पद पर हैं। उन्हें तत्काल संबंधित मामलों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।सिर्फ बयान देने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। यदि भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं तो जांच कराएं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। ट्रिपल इंजन की सरकार में रहते हुए भी यदि कार्रवाई नहीं होती है और केवल कांग्रेस को बदनाम करने के लिए बयान दिए जाते हैं, तो यह महापौर का सिर्फ जनता को भ्रमित करने का प्रयास माना जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महापौर को कांग्रेस के नाम की आड़ लेकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने के बजाय वर्तमान नगर निगम की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।शहर की जनता दलपत सागर से लेकर कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान, सफाई व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, जलप्रदाय व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर जवाब चाहती है।

महापौर को इन सभी विषयों पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।राजेश चौधरी ने कहा कि दलपत सागर बस्तर और जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर है। इसके नाम पर करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत होने के बाद शहर की जनता का यह अधिकार है कि उसे एक-एक रुपये के उपयोग की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इस संबंध में जानकारी मांग रहा है और मीडिया के माध्यम से भी जनता सवाल उठा रही है, लेकिन अब तक खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

 इससे कई सवाल खड़े होते हैं। महापौर महोदय से मांग की कि दलपत सागर के उन्नयन एवं सफाई के नाम पर स्वीकृत, प्राप्त और खर्च की गई प्रत्येक राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा किस संस्था से कितना सहयोग प्राप्त हुआ और उसका कितना उपयोग हुआ, इसकी जानकारी शहर की जनता के सामने रखी जाए।

“जनता के पैसे का हिसाब जनता को देना ही होगा। स्वीकृति बताने के बजाय खर्च का पूरा विवरण और धरातल पर हुए कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करें।”

संपादक – जय शंकर पांडे 91 97707 07305 छत्तीसगढ़ वार्ता न्यूज़ , छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय वेब पोर्टल है। जो छत्तीसगढ़ राज्य के साथ देश के सभी राज्यों से समाचार संकलन कर प्रदर्शित करता है। जिसमें राजनीति, अपराध, मनोरंजन,खेल, फिल्मी जगत, जैसे तमाम प्रकार के समाचारों को प्रदर्शित करता है। हमारा उद्देश्य देश की जनता तक सही जानकारी और खबरों को पूरी सच्चाई के साथ दिखाना है। संवाददाता अपनी रूचि से खबरों को प्रेषित करता है। इसमें छत्तीसगढ़ वार्ता न्यूज़ वेब पोर्टल का किसी भी प्रकार का ,जवाबदार नहीं है।