कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, पॉश एक्ट और 'शी-बॉक्स' पोर्टल पर संभाग स्तरीय कार्यशाला संपन्न
आंतरिक शिकायत समिति नहीं बनी, तो कार्यालय प्रमुख को भरना होगा 50,000 रुपये का जुर्माना
जगदलपुर, 16 जनवरी 2026/ कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बनाए गए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (PoSH Act) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार 16 जनवरी को संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन कार्यालय के कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में किया गया। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय शिकायत समिति के अध्यक्ष व सदस्य, आंतरिक शिकायत समितियों के पदाधिकारी तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री एस. के. चौबे ने अपने उद्बोधन में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि POSH अधिनियम के अंतर्गत सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने She-Box पोर्टल पर सभी संस्थानों की ऑनबोर्डिंग तथा आंतरिक शिकायत समिति की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया, ताकि महिलाओं की शिकायतों का त्वरित निष्पक्ष और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज कुमार ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा का आधार है। PoSH अधिनियम न केवल शिकायत निवारण का मंच प्रदान करता है, बल्कि संस्थानों में संवेदनशीलता, जवाबदेही की संस्कृति विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी विभागों से अधिनियम के प्रावधानों का नियमित अनुपालन करने और कर्मचारियों को जागरूक करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मास्टर ट्रेनर श्री सर्वत नकवी ने प्रतिभागियों को अधिनियम की प्रमुख धाराओं की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि PoSH अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत किसी भी शासकीय/अशासकीय संस्था में जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों वहाँ आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन न होने की स्थिति में कार्यालय प्रमुख पर 50,000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने समिति की संरचना शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, समय-सीमा, गोपनीयता तथा पीड़िता के संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र रायपुर के सहायक संचालक श्री अतुल दांडेकर ने She-Box पोर्टल के संचालन एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण शिकायत अपलोड करने की प्रक्रिया प्रगति ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े फीचर्स का लाइव डेमो देते हुए बताया कि यह प्लेटफॉर्म शिकायतों के निस्तारण को समयबद्ध, पारदर्शी और मॉनिटर करने योग्य बनाता है।
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ श्रम विभाग स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत शिक्षा विभाग, नगर पालिका निगम, उच्च शिक्षा विभाग तथा जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा संभाग के सभी जिलों की आंतरिक एवं स्थानीय शिकायत समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे विभिन्न संस्थानों में एकरूपता के साथ अधिनियम के पालन को गति मिलने की उम्मीद जताई गई।