मिशनरी हस्तक्षेप के विरुद्ध फूटा ग्रामीणों का आक्रोश,ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद मसीही कब्रिस्तान में हुआ दफन
रिपोर्ट –जय शंकर पांडे
जगदलपुर : बस्तर संभाग के लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चित्रकोट के पदरगुड़ापारा में धर्मांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद अब गहराता जा रहा है। गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम में मतातंरित शव को दफनाने की कोशिश ने न केवल सामाजिक तनाव पैदा किया, बल्कि ग्रामीणों और हिंदू संगठनों को प्रशासन के सामने अपनी परंपराओं की रक्षा हेतु लामबंद होने पर मजबूर कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी मौके पर पहुँचे।
माहरा समाज के चित्रकोट परगना अजय बघेल ने बताया कि इस घटना को गहरी साजिश बताते हुए कहा बस्तर की भोली भाली जनता और हमारी ग्राम पंचायतों पर अब मिशनरी हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। धर्म विशेष के लोगों व उनके समर्थित लोगो को सुनियोजित तरीके से सरपंच जैसे पदों पर बैठाकर पूरे गांव के मतांतरण का खेल खेला जा रहा हैl
बजरंगदल विभाग संयोजक व माहरा समाज के युवानेता सिकंदर कश्यप ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मिशनरी लोग जानबूझकर शवों को हिंदू मुक्तिधामों में दफनाने का प्रयास करते हैं ताकि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ा जा सके। चित्रकोट की इस घटना ने साफ कर दिया है कि मानवता की दुहाई देने वाले स्थानीय सरपंच व कांग्रेसी नेता भंवर मौर्य जैसे लोग अपने ही जनजाति जाति भाइयों को मिशनरियों के भंवर में फंसाकर गांव की परंपराओं को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।
ग्रामीणों और माटी पुजारी,नाईक,सिरहा गुनिया जैसे पारंपरिक प्रहरियों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच द्वारा मिशनरियों को खुला समर्थन दिया जा रहा है। पूर्व सरपंच रैतूराम कश्यप व अन्य ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे गांव के माहौल और पुरखों की परंपरा को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देंगे। आरोप लगाया गया कि पहले राजनीतिक पदों पर कब्जा किया जाता है और फिर सत्ता की हनक में सामाजिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
दिन भर चले तनाव और भारी विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः भारी दबाव और सामाजिक विरोध के आगे झुकते हुए मृतक के छोटे भाई पुष्पेंद्र बघेल ने समझदारी दिखाते हुए लोहंडीगुड़ा तहसीलदार को लिखित आवेदन दिया। परिजनों ने स्वीकार किया कि वे शव को नजदीकी मसीही कब्रिस्तान में दफनाने के लिए तैयार हैं। इसके पश्चात ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और शव को मसीही कब्रिस्तान ले जाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस दौरान विहिप के विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल,बजरंगदल जिला संयोजक विष्णु ठाकुर,सह संयोजक योगेश रैली,पूर्व जिला संयोजक मुन्ना बजरंगी,विवेक शुक्ला,शिवा नाग,इन्द्र टेमरे,पवन नामदेव,अजय बघेल,लोकेंद्रनाथ नाग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।