प्रकृति और परंपरा के महाकुंभ 'बस्तर पण्डुम 2026' का 7 फरवरी को होगा भव्य आगाज , राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी मुख्य अतिथि
जगदलपुर, 5 फरवरी 2026/ बस्तर अपनी अनूठी आदिम सभ्यता, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 'प्रकृति और परंपरा के उत्सव' के रूप में मनाए जा रहे 'बस्तर पण्डुम 2026' का भव्य शुभारंभ समारोह शनिवार 7 फरवरी को प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल बस्तर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जहाँ आधुनिकता के साथ-साथ माटी की सुगंध भी बिखरेगी।
इस समारोह की भव्यता और गरिमा को बढ़ाने के लिए देश की प्रथम नागरिक, महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से बस्तर पधार रही हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस सांस्कृतिक महाकुंभ को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनके साथ ही राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा तथा मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और श्री केदार कश्यप भी मंच की शोभा बढ़ाएंगे। बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप और कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग के साथ-साथ विधायक श्री किरण सिंह देव, सुश्री लता उसेंडी, श्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, श्री आशाराम नेताम, श्री चैतराम अटामी, श्री विनायक गोयल, श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, श्री लखेश्वर बघेल, श्री विक्रम मंडावी अपनी गरिमामयी उपस्थिति देंगे। जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय और समस्त निगम मंडल आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित होने वाला यह समारोह 'प्रकृति और परंपरा' के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा। संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन ने इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए आम जनता को सादर आमंत्रित किया है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बस्तरवासियों में भारी उत्साह है और प्रशासन ने भी सुरक्षा एवं स्वागत की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की है।