छल, प्रलोभन और शादी के नाम पर धर्मांतरण कराने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पटल पर पेश
रायपुर, 19 मार्च। विधानसभा बजट सत्र में आज सरकार ने धर्मांतरण रोकने के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पेश किया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में यह विधेयक रखा, जिसका कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया।
विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि विधेयक में धर्मांतरण कराने वाले और इसका प्रचार-प्रसार करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। यदि कोई व्यक्ति शादी का प्रलोभन, छल-कपट, पैसा या नौकरी के नाम पर धर्मांतरण कराता है, तो उसे सजा दी जाएगी। इस मुद्दे पर आज चर्चा होने की संभावना है, जो कल तक चल सकती है।
विधानसभा के 14वें दिन सरकार ने यह विधेयक पटल पर रखा, जिस पर कांग्रेस ने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट किया और नारेबाजी भी की। बताया गया कि राष्ट्रपति द्वारा पुराने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को वापस किए जाने के बाद अब नए विधेयक को पारित कराने में सहूलियत होगी।
एस आई आर के स्थान प्रस्ताव को सभापति ने किया खारिज
आज विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 25 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा स्थान प्रस्ताव लाया गया। कांग्रेसजनों ने इसका विरोध किया और सदन की कार्यवाही से उठकर चले गए। सभापति ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती।
संपादक –जय शंकर पांडे
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